प्रम्बानन मंदिर पहुंचे PM मोदी, ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष के बीच सामने आया वीडियो

0
9
PM Modi reached Prambanan temple video surfaced amid chants of Om Namah Shivay
X/ @narendramodi

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने दुनियाभर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बानन हिंदू मंदिर में ‘ॐ नमः शिवाय’ का सामूहिक जाप गूंजता दिखाई दिया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी श्रद्धालुओं के बीच हाथ जोड़कर खड़े नजर आए. उन्होंने इस आध्यात्मिक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है.

राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ किया मंदिर का दौरा

प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर का दौरा किया. दोनों नेताओं ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और वहां की सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखा. इस दौरान पीएम मोदी पारंपरिक भगवा कुर्ता और माथे पर त्रिपुंड लगाए हुए दिखाई दिए.

मंदिर में गूंजा ‘ॐ नमः शिवाय’

मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप कर रहे थे. पूरा वातावरण भक्तिमय और शांत दिखाई दिया. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस आध्यात्मिक माहौल का हिस्सा बनते हुए श्रद्धालुओं के साथ समय बिताया. उन्होंने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि प्रम्बानन मंदिर में गूंजता ‘ॐ नमः शिवाय’ अद्भुत अनुभव है.

भारत और इंडोनेशिया मिलकर करेंगे संरक्षण

इस यात्रा का महत्व केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और कूटनीतिक भी है. भारत और इंडोनेशिया ने प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए संयुक्त पहल पर सहमति जताई है. दोनों देशों के बीच इस संबंध में लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान भी किया गया, जिससे सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.

क्यों खास है प्रम्बानन मंदिर?

जावा द्वीप पर स्थित प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है. यह भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान ब्रह्मा को समर्पित है. लगभग एक हजार वर्ष पुराना यह मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है. कभी इस विशाल परिसर में करीब 240 मंदिर हुआ करते थे, जो भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों की ऐतिहासिक पहचान माने जाते हैं.

सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगा नया बल

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के तहत दोनों देशों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मंदिर संरक्षण में सहयोग और साझा विरासत के संरक्षण का यह प्रयास दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला कदम माना जा रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here