नई दिल्ली: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में स्थानीय नागरिकों पर हो रहे अमानवीय अत्याचारों, मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की जबरन गिरफ्तारियों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर आक्रोश फूट पड़ा है. यूनाइटेड किंगडम में रह रहे हजारों ब्रिटिश-कश्मीरियों ने लंदन की सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना के खिलाफ एक विशाल और ऐतिहासिक विरोध मार्च निकाला. ‘लंदन कश्मीर मिलियन मार्च’ नाम के इस प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्क्वायर से लेकर पाकिस्तानी हाई कमीशन तक मार्च कर इस्लामाबाद की दमनकारी नीतियों को बेनकाब किया.
आजादी के नारे और गिरफ्तारियों का विरोध
इस विशाल मार्च के दौरान लंदन की सड़कें पाकिस्तान विरोधी और आजादी के समर्थन वाले नारों से गूंज उठीं. प्रदर्शनकारियों ने जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख शौकत नवाज मीर सहित कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं की अवैध गिरफ्तारियों की कड़े शब्दों में निंदा की. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि शांतिपूर्ण ढंग से बुनियादी अधिकारों की मांग करने वाले नेताओं को जेल में डालकर पाकिस्तान वहां की स्थानीय आवाज को दबाना चाहता है.
हम पाकिस्तान के सामने घुटने नहीं टेकेंगे
जम्मू-कश्मीर नेशनल इंडिपेंडेंस अलायंस के चेयरमैन महमूद कश्मीरी ने पाकिस्तानी हाई कमीशन ने पाकिस्तान सेना की बर्बरता पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, आज पूरी दुनिया में कश्मीरी एकजुट होकर पाकिस्तानी ताकतों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. आजाद कश्मीर में पाकिस्तान की सेना ने टट्टापानी, सेंहसा और कोटली जैसे शांतिपूर्ण इलाकों में हमारे निर्दोष कश्मीरी भाइयों पर हिंसा की और उन्हें शहीद कर दिया. हम इस जुल्म, नाइंसाफी और सैन्य आक्रामकता के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेंगे और किसी भी कीमत पर पाकिस्तान के सामने घुटने नहीं टेकेंगे.
कश्मीर घाटी और भारत से समर्थन की अपील
PoJK में सरकार विरोधी जनआंदोलन पर इस्लामाबाद द्वारा किए जा रहे क्रूर दमन के बीच, JAAC के प्रमुख सदस्य सरदार अमन खान ने एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया है. उन्होंने इस आंदोलन को व्यापक रूप देने के लिए भारत के नागरिकों, विशेष रूप से कश्मीर घाटी और श्रीनगर के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया है.
मूल राज्य के लोगों से अपील
अमन खान ने अपने संदेश में कहा, मैं कश्मीर घाटी, खासकर श्रीनगर, राजौरी, जम्मू, लद्दाख, करगिल और गिलगित-बाल्टिस्तान सहित पूरे मूल राज्य के लोगों से अपील कर रहा हूं. PoJK को पिछले करीब एक महीने से भीषण सैन्य दबाव और दमन का सामना करना पड़ रहा है. जब वहां के लोग आटा, बिजली और रोजगार जैसे अपने बुनियादी अधिकारों की मांग करते हैं, तो उन पर गोलियां चलाई जाती हैं. यह अन्याय और नरसंहार अब चरम पर पहुंच चुका है.











