पंजाब: पंजाब की सियासत में इन दिनों प्री-मॉनसून की फुहारों के बीच सियासी पारा पूरी तरह गरमाया हुआ है. बरनाला में आयोजित ‘लोक मिलनी’ (जनता दरबार) कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पारंपरिक राजनीतिक दलों कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिरोमणि अकाली दल पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ये तीनों दल राजनीतिक रूप से आम आदमी पार्टी (आप) का मुकाबला करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं, जिसके कारण अब वे धार्मिक आधार पर फर्जी वीडियो और मनगढ़ंत दुष्प्रचार के सहारे सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं. मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों का यह अपवित्र गठबंधन पंजाब के अभूतपूर्व विकास और जनता से मिल रहे अपार प्रेम को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा है. सूबे की जनता ही इसका अंतिम फैसला करेगी.
‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत
बरनाला के इस विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कल्याणकारी कदम का एलान किया. उन्होंने घोषणा की कि आगामी 1 जुलाई से पूरे पंजाब में मांवां-धीयां सत्कार योजना के तहत वित्तीय सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी. इस योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं.
18 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये दिए जाएंगे, जबकि अनुसूचित जाति (SC) से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलेगी.
पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाया जा रहा है. विशेष बात यह है कि जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही हैं, वे भी इस नई योजना के लिए पूरी तरह योग्य मानी जाएंगी.
पंजाब सरकार ने इस योजना को जमीनी स्तर पर सुचारू रूप से लागू करने के लिए अपने बजट में 9,300 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि आवंटित की है.
गांवों में अंडरग्राउंड होंगी हाई-टेंशन बिजली तारें
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे को सुधारने और हादसों को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने देश की पहली अनूठी पहल की है. मुख्यमंत्री मान ने बताया कि सूबे के गांवों के ऊपर से गुजरने वाली खतरनाक हाई-टेंशन बिजली की तारों और अनावश्यक खंभों के जाल को हटाने के लिए उन्हें अंडरग्राउंड करने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है.
इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के पैतृक गांव से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जा चुकी है. इस कदम से कंबाइन, ट्रैक्टर या अन्य वाहनों के तारों की चपेट में आने से होने वाले जानलेवा हादसों पर रोक लगेगी. साथ ही, शॉर्ट सर्किट के कारण खेतों में खड़ी फसलों में लगने वाली आग से किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान और आंधी-तूफान के दौरान तार टूटने से पावर कॉरपोरेशन को होने वाले घाटे का भी स्थायी समाधान होगा.
मुफ्त बिजली, नहरें और स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के दो साल से अधिक के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का ब्योरा जनता के सामने रखा. पंजाब के 90 फीसदी से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। इतिहास में पहली बार किसानों को खेती के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली दी जा रही है. सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को मजबूत किया है. सूबे भर में 14,000 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन और खालों का निर्माण किया गया है, जिससे अंतिम छोर के खेतों तक 21,000 क्यूसेक पानी पहुंचाया जा रहा है. नहरों और नदियों में बनाए गए रिचार्ज पॉइंट्स की वजह से पंजाब का भूजल स्तर दो से चार मीटर तक ऊपर आया है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश की पहली व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू की गई है, जिसके तहत पंजाब के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराया जा रहा है. लोग अब तक इस योजना के माध्यम से 650 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं.
विरोधियों पर तीखा हमाला
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा उनके खिलाफ जारी किए गए पोस्टरों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने सुखबीर सिंह बादल ने बेअदबी और गोलीकांड की घटनाओं के लिए अपनी गलतियां स्वीकार की थीं. लेकिन उनके खिलाफ कोई पोस्टर नहीं लगाया गया. आज अकाली दल सिर्फ ‘जेठानी-देवरानी’ की पार्टी बनकर रह गया है. जहां एक सांसद और दूसरी विधायक है.
कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ऐसी बिखरी हुई पार्टी है जहां आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री पद के दावेदार घूम रहे हैं. मान ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल चाहे जितने भी झूठे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर लें, वे पंजाब के लोगों के लिए बिजली, पानी, सड़क, अस्पताल और रोजगार के अवसरों को विकसित करने के उनके संकल्प को डिगा नहीं सकते. इस कार्यक्रम के दौरान लोकसभा सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे.













