नई दिल्ली: पुणे के 25 वर्षीय उभरते हुए रियल एस्टेट बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत मामले में एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आया है, जिसने पुलिस प्रशासन को हिलाकर रख दिया है. 18 जून को पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की गहरी खाई में गिरकर हुई केतन की मौत को शुरुआत में एक दुखद ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था. खुद केतन की मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस को यही थ्योरी दी थी. लेकिन डिजिटल फॉरेंसिक, घटना स्थल के पास मिले 48 मिनट के एक रहस्यमयी सीसीटीवी फुटेज और एक हुड वाली टी-शर्ट पहने व्यक्ति की एंट्री ने इस कथित हादसे को एक सोची-समझी और बर्बर हत्या की साजिश में तब्दील कर दिया है. पुलिस ने अब सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है.
बदलते बयान और गायब तस्वीरें
केतन अग्रवाल अपनी पारिवारिक रियल एस्टेट फर्म ‘सक्सेस ग्रुप’ के डायरेक्टर और मुख्य विपणन अधिकारी (CMO) थे. इसी साल नवंबर में उनकी सिया गोयल के साथ शादी होने वाली थी. घटना के तुरंत बाद सिया ने पुलिस को बताया कि तेज हवाओं के बीच किले के किनारे पर दोनों फोटो खींच रहे थे, तभी केतन का पैर फिसल गया। तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद केतन का शव खाई से बरामद हुआ. शुरुआत में केतन के परिवार ने किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए कोई शक जाहिर नहीं किया था, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच में सबसे बड़ा संदेह का कारण तब सामने आया जब सिया ने पूछताछ के दौरान अपने बयान बदले.
गायब सबूत
सिया ने पहले कहा कि केतन फोटो खिंचवाते समय संतुलन खोने से नीचे गिरे. बाद में उसने दावा किया कि वे दोनों चढ़ाई के बाद आराम कर रहे थे, और केतन ने जब पानी की बोतल मांगी तो उसे सौंपते समय उनका पैर फिसल गया. जब पुलिस ने मृत केतन का मोबाइल फोन खंगाला, तो लोहागढ़ किले की एक भी तस्वीर या सेल्फी वहां मौजूद नहीं थी, जो सिया के पहले दावे को पूरी तरह खारिज करती थी. इसके अलावा, जिस सुनसान जगह पर यह घटना हुई, वह आमतौर पर ट्रैकर्स के आराम करने का पॉइंट नहीं था.
सीसीटीवी कैमरों ने खोला राज
लोहागढ़ किले और उसके आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज को जब क्राइम ब्रांच के एक्सपर्ट्स ने फ्रेम-बाय-फ्रेम खंगाला, तो एक खौफनाक सच सामने आया. फुटेज में केतन और सिया के ठीक पीछे एक संदिग्ध शख्स हुड वाली जैकेट पहने चलता हुआ दिखाई दिया।48 मिनट के इस लंबे ट्रेल (रास्ते) के दौरान सिया बार-बार पीछे मुड़कर उस हुड वाले शख्स को देख रही थी. एक संवेदनशील मोड़ पर, सिया ने हाथ से एक खास इशारा (हैंड जेस्चर) किया, जिसके जवाब में उस हुड वाले शख्स ने भी प्रतिक्रिया दी. तकनीकी कड़ियों को जोड़ने पर पता चला कि वह हुड वाला कोई अजनबी नहीं, बल्कि सिया का प्रेमी चेतन चौधरी था.
गहरी साजिश
पुलिस की जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं था. सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने के लिए लोहागढ़ किले के दुर्गम रास्तों को चुना था. साजिश के तहत चेतन पहले से वहां घात लगाकर बैठा था. पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और लोकेशन डेटा खंगाल रही है ताकि अदालत में इस ‘डबल लाइफ’ और कोऑर्डिनेशन को पुख्ता सबूतों के साथ साबित किया जा सके. पुणे पुलिस अब इस मामले की धारा 302 (हत्या) के तहत गहराई से तफ्तीश कर रही है.















