नई दिल्ली: फ्लोरिडा की कंपनी डोरोनी एयरोस्पेस ने हाल ही में एक इवेंट में अपना नया H1-X मॉडल पेश किया यह दो लोगों के बैठने वाला इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट है। आसान शब्दों में कहें तो, यह एक छोटा एयरक्राफ्ट है असल में एक उड़ने वाली कार जो हेलीकॉप्टर की तरह ही वर्टिकली टेक-ऑफ और लैंड करता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे आम लोगों के निजी इस्तेमाल के लिए बनाया गया है।
आइए, इस शानदार पर्सनल एयरक्राफ्ट की खूबियों, रेंज और कीमत पर एक नजर डालते हैं।
क्या यह आम कार गैराज में फिट हो सकता है?
हालांकि यह एक एयरक्राफ्ट है, लेकिन इसका साइज बहुत ही प्रैक्टिकल है।
वज़न और साइज: कार्बन फाइबर से बने इस एयरक्राफ्ट का खाली वजन लगभग 839 किलोग्राम है। इसकी लंबाई 16 से 18 फीट और ऊंचाई लगभग 6 फीट है।
पार्किंग की कोई चिंता नहीं: इसका विंगस्पैन (पंखों का फैलाव) लगभग 18 फीट है और यह आसानी से दो कारों वाले स्टैंडर्ड गैराज में फिट हो सकता है।
क्षमता: इसमें आराम से दो लोग बैठ सकते हैं और इसकी कुल पेलोड क्षमता 226 किलोग्राम है।
बिना रनवे के टेक-ऑफ
इसे उड़ने के लिए एयरस्ट्रिप या रनवे की ज़रूरत नहीं होती है।इसमें वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए आठ खास पंखे लगे हैं। हवा में उड़ने के बाद, पीछे लगे दो अतिरिक्त पंखे इसे आगे बढ़ाते हैं।आम हेलीकॉप्टरों के उलट, इसके ब्लेड खुले नहीं होते; पंखे डक्ट के अंदर बंद होते हैं। इस डिजाइन से न सिर्फ शोर कम होता है, बल्कि आस-पास खड़े लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है।कंपनी ने इस इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट का एक वीडियो जारी किया है, जिसे आप ऊपर देख सकते हैं।
स्पीड, रेंज और सुपरफास्ट चार्जिंग के बारे में क्या?
यह एयरक्राफ्ट शहर के अंदर या आस-पास के इलाकों में छोटी यात्राओं के लिए बेहतरीन है। टॉप स्पीड – यह 193 किमी/घंटा की टॉप स्पीड से उड़ सकता है। इसे जमीन से 500 से 1,500 फीट की ऊंचाई पर उड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रेंज – फुल चार्ज होने पर, यह 45 मिनट तक हवा में रह सकता है और लगभग 96 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है। कंपनी भविष्य में इस रेंज को बढ़ाने पर काम कर रही है।चार्जिंग – इसे किसी भी स्टैंडर्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जर से चार्ज किया जा सकता है। यह सिर्फ़ 25 मिनट में 80% तक चार्ज हो जाता है।
आसान कंट्रोल
इस इलेक्ट्रिक एयरक्राफ्ट को उड़ाने के लिए आपको पायलट होने की ज़रूरत नहीं है।
इसका केबिन कार जैसा है, जिसमें दो लोगों के लिए अगल-बगल बैठने की जगह है। इसे एक ही जॉयस्टिक से चलाया जाता है।
टेकऑफ और लैंडिंग एक बटन दबाकर की जाती है। इसका सॉफ्टवेयर उड़ान के दौरान अपने-आप स्टेबिलिटी बनाए रखता है।
डिस्प्ले पर बैटरी की स्थिति, स्पीड, मौसम और नेविगेशन की जानकारी एक ही जगह दिखती है। इसमें रडार, LiDAR और 360-डिग्री कैमरे लगे हैं जो रुकावटों का पहले ही पता लगा लेते हैं, जिससे उड़ान सुरक्षित रहती है।
सुरक्षा और कीमत
मजबूत सुरक्षा फीचर्स – इसमें कोई खुली हुई ब्लेड नहीं है, साथ ही इमरजेंसी के लिए बैलिस्टिक पैराशूट और बैकअप मोटर भी दी गई है। कंपनी US एविएशन अथॉरिटी (FAA) से सर्टिफिकेशन पाने के लिए काम कर रही है।
कीमत और डिलीवरी – डिलीवरी 2028 में शुरू होने की उम्मीद है। इसकी अनुमानित कीमत $350,000 से $400,000 (लगभग ₹3.3 करोड़ से ₹3.7 करोड़) के बीच है।
















