डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के सीएम पद की ली शपथ, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे रहे मौजूद

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बेंगलुरु: कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. बेंगलुरु में आयोजित शपथ समारोह में उन्होंने हाथ में संविधान की प्रति लेकर पद और गोपनीयता की शपथ ली. उनके साथ 13 अन्य विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया. वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

शपथ ग्रहण से पहले राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा थी कि कांग्रेस राज्य में एक से अधिक उपमुख्यमंत्री नियुक्त कर सकती है. हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल केवल जी. परमेश्वर को ही डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सौंपी है. नए मंत्रिमंडल में कई प्रमुख चेहरों को जगह मिली है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियंक खरगे भी शामिल हैं.

किसे-किसे मंत्री बनाया गया? 
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट में के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, यू.टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, यरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल समेत कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्री बनाया गया है. पार्टी का मानना है कि अनुभवी और युवा नेताओं के इस संतुलन से सरकार को मजबूती मिलेगी.

शपथ ग्रहण के अवसर पर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी फोन पर डी.के. शिवकुमार को बधाई दी. पार्टी नेताओं ने उन्हें संगठन को मजबूत करने वाला नेता बताते हुए उनके योगदान की सराहना की. कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा कि शिवकुमार ने हर कठिन दौर में पार्टी को संभालने और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने उन्हें जुझारू और जनता से जुड़े नेता के रूप में वर्णित किया.

जीतू पटवारी ने क्या कहा? 
समारोह में शामिल होने पहुंचे मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि कर्नाटक के विकास और आर्थिक प्रगति में सिद्धारमैया के नेतृत्व का अहम योगदान रहा है. वहीं, कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में डी.के. शिवकुमार की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही. पटवारी ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आपसी सम्मान और सहयोग लोकतांत्रिक राजनीति के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है.

नई सरकार के गठन के साथ अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनकी टीम चुनावी वादों को किस तरह जमीन पर उतारते हैं और राज्य के विकास को नई दिशा देते हैं.

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