वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का अधिपति माना जाता है. वे हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं. यही वजह है कि नौ ग्रहों में शनि के गोचर या चाल में थोड़े से बदलाव को भी बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. चालू वर्ष 2026 में शनि देव दो बड़े फेरबदल करने जा रहे हैं, जिसका व्यापक असर सभी 12 राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर पड़ेगा. इस साल शनि का पहला बड़ा बदलाव जुलाई में और दूसरा बड़ा उलटफेर अक्टूबर के महीने में देखने को मिलेगा.
क्या होगा आम जीवन पर असर?
जुलाई 2026 से शनि देव वक्री अवस्था में आ जाएंगे, जिसका सीधा मतलब है कि वे उल्टी चाल चलना शुरू करेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब भी शनि वक्री होते हैं, तो वे व्यक्ति को ठहरकर आत्मनिरीक्षण करने पर मजबूर करते हैं.
इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए जुलाई और अक्टूबर का समय कामकाजी मोर्चे पर काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. शनि देव आपकी पेशेवर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ा सकते हैं, जिससे आप पर काम का भारी दबाव रहेगा. आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा और दूरगामी लक्ष्य इससे प्रभावित हो सकते हैं. इस अवधि में आप अपने मौजूदा करियर या नौकरी से असंतुष्ट महसूस कर सकते हैं.
कन्या राशि
कन्या राशि वाले जातकों के लिए शनि की यह उल्टी चाल साझेदारियों में दिक्कतें पैदा करेगी. चाहे आपका वैवाहिक जीवन हो या बिजनेस पार्टनरशिप, कुछ ऐसी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं जिन्हें आप नजरअंदाज नहीं कर पाएंगे. इस दौरान आपका ‘रिलेशनशिप कर्मा’ पूरी तरह एक्टिव रहेगा, इसलिए रिश्तों में तालमेल और संतुलन बनाए रखना आपकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.
धनु राशि
धनु राशि के लोगों के लिए यह गोचर मानसिक रूप से काफी भारी साबित हो सकता है. भविष्य को लेकर मन में अज्ञात भय और चिंताएं बनी रहेंगी. पारिवारिक मोर्चे पर आपको इमोशनल उतार-चढ़ाव देखना पड़ सकता है, जिससे घर के लोगों से एक मानसिक दूरी महसूस होगी. अतीत की कड़वी बातें और बचपन की यादें आपके दिमाग पर हावी रहेंगी, जिसका सीधा असर आपके मौजूदा रिश्तों पर पड़ सकता है.
कैसे करें शनि देव को शांत?
यदि आपकी राशि पर शनि का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, तो इस दौरान शनिवार के दिन शनि चालीसा का पाठ करें, पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और जरूरतमंदों व गरीबों को काली उड़द, काले तिल या कंबल का दान करें। संयम से काम लेना ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है.















