नई दिल्ली: इजरायल में हुए आम चुनावों को प्रभावित करने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कथित तौर पर ईरान पर हमला करना चाहते थे। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेतन्याहू ने अपने करीबी मोसाद चीफ रोमन गोफमैन के साथ मिलकर ये प्लान बनाया था। योजना के तहत चुनाव से ठीक एक दिन पहले ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन किया जाना था। हालांकि आखिर में इसे अंजाम नहीं दिया जा सका।
सुरक्षा अधिकारियों ने किया था विरोध
इजरायल के चैनल 12 ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि नेतन्याहू और गोफमैन ने ईरान पर हमले का प्लान बनाया था। हालांकि इस रिपोर्ट में किसी आधिकारिक स्रोत का हवाला नहीं दिया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली सुरक्षा तंत्र के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऑपरेशन का समर्थन नहीं किया। उन्हें चिंता थी कि इससे बड़ा तनाव पैदा होगा और तय समय पर चुनाव कराना मुश्किल हो जाएगा।
अमेरिका को पता चला तो रुकवाया ऑपरेशन
रिपोर्ट के मुताबिक, सभी अधिकारियों के एक राय न होने के बावजूद इस ऑपरेशन की योजना पर गुप्त तरीके से काम चल रहा था। इसी दौरान एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी की वजह से अमेरिका को इस ऑपरेशन के बारे में पता चल गया। इसके बाद वॉशिंगटन ने तुरंत हस्तक्षेप किया और इस ऑपरेशन को रुकवा दिया।
PM ऑफिस ने किया खंडन
इस रिपोर्ट को प्रधानमंत्री कार्यालय ने खारिज कर दिया है। पीएम ऑफिस ने खंडन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खुद उसी समय स्पष्ट कर दिया था कि चुनावों से पहले किसी हमले की कोई योजना नहीं थी। दूसरी ओर पूर्व प्रधानमंत्री एहुद बराक ने नेतन्याहू पर मोसाद के जरिए उकसावे वाला कदम उठाने की योजना बनाने का आरोप लगाया है।
पहले भी आई थीं ऐसी रिपोर्टें
ये रिपोर्ट चुनाव से ठीक पहले आई ऐसी कई रिपोर्टों की कड़ी में से एक है। चुनाव से दो दिन पहले भी चैनल 12 ने रिपोर्ट दी थी कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और IDF चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जमीर के बीच ईरान पर सैन्य कार्रवाई को लेकर अभूतपूर्व टकराव हुआ था। सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि जमीर सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने का विरोध कर रहे थे। जमीर ने इस पर और चर्चा की मांग की थी और नेतन्याहू से इसके लिए कानूनी मंजूरी से जुड़े लिखित दस्तावेज की मांग की थी। इसे भी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कहा गया था।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में भी दावा
हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी रिपोर्ट दी थी कि नेतन्याहू कई हफ्तों से ईरान पर एक नया हवाई हमला कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन जमीर ने ऐसा होने से रोक दिया। जमीर को इस बात की चिंता होने लगी थी कि नेतन्याहू ईरान के खिलाफ कोई ऐसी कार्रवाई करने का दबाव बना रहे हैं, जो सीधे हमले से अलग लेकिन खतरनाक है।
इजरायल में नई सरकार चुनने के लिए हुए चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में फिलहाल नई सरकार के गठन को लेकर बातचीत का दौर जारी है। पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकॉट नेतन्याहू को सत्ता से दूर रखकर तमाम दलों को इकट्ठा करके सरकार बनाने की कोशिश में हैं।












