नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने की होड़ में क्या किसी जरूरतमंद की परेशानी को भी मनोरंजन का जरिया बनाया जा सकता है? दिवाली के मौके पर वायरल हुए एक वीडियो ने यही सवाल खड़ा कर दिया है। इसमें एक फॉर्च्यूनर कार दीये बेच रही महिला की दुकान के पास से तेज रफ्तार में गुजरती दिखती है। इसके बाद महिला के दीये टूटे नजर आते हैं। कई यूजर्स ने इसे मदद के नाम पर रचा गया ड्रामा बताया है। सचिन गुप्ता नाम के हैंडल से साझा किए गए इस वीडियो को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई। यूजर्स का कहना है कि किसी गरीब महिला की रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचाकर फिर कैमरे के सामने उसकी मदद करना गलत है। कई लोगों ने इसे लोकप्रियता पाने की कोशिश बताया। हालांकि, वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
वीडियो में दीये टूटने के बाद वही शख्स महिला के पास पहुंचता है। वह उसे नुकसान की भरपाई के लिए पैसे देता और कुछ राशन का सामान भी थमाता नजर आता है। लोगों ने सवाल उठाया कि अगर मदद करनी थी तो पहले महिला की दुकान को नुकसान पहुंचाने जैसा दृश्य क्यों बनाया गया? कई यूजर्स को घटनाक्रम पहले से तय स्क्रिप्ट जैसा लगा। उनका आरोप है कि पहले नुकसान का माहौल बनाया गया और फिर मददगार बनकर वीडियो रिकॉर्ड किया गया, ताकि सोशल मीडिया पर सहानुभूति और व्यूज मिल सकें। लोगों ने कहा कि ऐसे वीडियो जरूरतमंदों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं और असली मदद को भी शक के घेरे में ला देते हैं।
> कैमरामैन को एक जगह सेट किया > फिर खुद दीये वाली महिला के बगल में खड़ा हुआ > फिर कार से कुचलवाकर दीए तुड़वाए > फिर महिला को दीए के पैसे, कपड़े दिए इस तरह Reel शूट प्रक्रिया विधिवत संपन्न हुई और इंस्टाग्राम पर 46 मिलियन व्यूज आए। https://t.co/UAsNGBjrRe
— Sachin Gupta (@Sachingupta) November 5, 2026
यूजर्स ने कमेंट में जताई नाराजगी
वीडियो पर विशाल अवस्थी ने तंज किया कि देश में अब अर्थव्यवस्था से ज्यादा रील्स का खेल चल रहा है। जे. पी. यादव ने लिखा कि लोग हर समय रील बनाने का मौका तलाशते हैं और दर्शक कई बार इस दिखावे को सच मान लेते हैं। जैक नाम के यूजर ने गाड़ी का नंबर धुंधला किए जाने पर सवाल उठाया। उनके मुताबिक, ऐसा कानूनी परेशानी से बचने के लिए किया गया हो सकता है। SACHKAHOON (@sachkahoon_) ने कैमरे के लिए हर काम किए जाने पर कटाक्ष किया। satyamev jayte (@abhay24012013) और Guddu Yadav (@GudduKu26227159) ने भी इसे रील बनाने की होड़ और जनता को भ्रमित करने वाला तरीका बताया। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर दिखावे और मदद के नाम पर प्रचार करने को लेकर बहस छेड़ दी है।












