सर्दियों की दस्तक के साथ बिगड़ने लगी शहरों की हवा, दिल्ली में प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

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मौसम में ठंडक बढ़ने के साथ देश के महानगरों में वायु प्रदूषण का असर भी दिखाई देने लगा है। 4 नवंबर को सामने आए वायु गुणवत्ता के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी दिल्ली की हवा अन्य प्रमुख शहरों के मुकाबले ज्यादा खराब स्थिति में पहुंच चुकी है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 269 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। दूसरी ओर मुंबई और कोलकाता में प्रदूषण का स्तर मध्यम बना हुआ है। दक्षिण भारत के शहरों में तस्वीर कुछ बेहतर नजर आई। चेन्नई और हैदराबाद में हवा संतोषजनक श्रेणी में रही, जबकि बेंगलुरु का स्तर मध्यम दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव, हवा की गति और वातावरण में प्रदूषक कणों के ठहराव से आने वाले दिनों में स्थिति बदल सकती है। ऐसे में लोगों के लिए जरूरी है कि वे अपने शहर की वायु गुणवत्ता पर नजर रखें और प्रदूषण बढ़ने पर स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतें।

दिल्ली में AQI 269, सबसे ज्यादा चिंता राजधानी को लेकर

4 नवंबर को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नई दिल्ली का AQI 269 रहा। भारतीय वायु गुणवत्ता पैमाने पर 201 से 300 के बीच का स्तर खराब श्रेणी में रखा जाता है। इसका अर्थ है कि हवा में प्रदूषण की मात्रा ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जहां संवेदनशील लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। सर्दियों की शुरुआत के साथ राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ना चिंता का विषय बन रहा है।

मुंबई और कोलकाता में भी पूरी राहत नहीं

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में AQI 161 दर्ज किया गया, जबकि कोलकाता का सूचकांक 155 रहा। दोनों शहर मध्यम श्रेणी में शामिल हैं। इस स्तर पर आम लोगों को तत्काल गंभीर परेशानी होना जरूरी नहीं, लेकिन लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने से संवेदनशील व्यक्तियों को दिक्कत हो सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।

दक्षिण भारत के शहरों में हवा की स्थिति बेहतर

चेन्नई और हैदराबाद में वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत अच्छी दर्ज की गई। चेन्नई का AQI 81 और हैदराबाद का 71 रहा। दोनों शहर संतोषजनक श्रेणी में हैं। बेंगलुरु में सूचकांक 110 दर्ज हुआ, जो मध्यम स्तर को दर्शाता है। इस तरह उपलब्ध छह शहरों के आंकड़ों में दिल्ली सबसे खराब स्थिति में रही, जबकि हैदराबाद का आंकड़ा सबसे कम दर्ज किया गया।

छह महानगरों में दिल्ली की हवा सबसे प्रदूषित, हैदराबाद की स्थिति बेहतर

छह प्रमुख शहरों के वायु गुणवत्ता आंकड़ों पर नजर डालें तो नई दिल्ली 269 AQI के साथ सबसे खराब स्थिति में रही। मुंबई में यह स्तर 161 और कोलकाता में 155 दर्ज किया गया, जबकि दोनों शहर मध्यम श्रेणी में शामिल रहे। बेंगलुरु का AQI 110 रहा, जो मध्यम स्तर को दर्शाता है। दूसरी ओर चेन्नई में 81 और हैदराबाद में 71 का सूचकांक दर्ज हुआ। ये दोनों शहर संतोषजनक श्रेणी में रहे। इस तुलना से स्पष्ट है कि इन छह महानगरों में राजधानी की हवा सबसे अधिक प्रदूषित थी, जबकि हैदराबाद में वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही।

AQI से कैसे समझें हवा का स्तर

एयर क्वालिटी इंडेक्स ऐसा पैमाना है, जिसके जरिए वातावरण में मौजूद प्रदूषण और उससे जुड़े संभावित स्वास्थ्य प्रभावों को संख्याओं में समझा जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी CPCB इसके लिए छह श्रेणियां निर्धारित करता है। शून्य से 50 तक का स्तर अच्छा, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से 500 गंभीर माना जाता है। इसकी गणना PM2.5, PM10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और ओजोन जैसे प्रदूषकों के आधार पर होती है।

PM2.5 और PM10 शरीर के लिए क्यों खतरनाक

PM2.5 ऐसे बेहद छोटे कण हैं जिनका आकार 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम होता है। PM10 में 10 माइक्रोमीटर तक के कण शामिल होते हैं। सांस के साथ शरीर में पहुंचने वाले PM2.5 कण फेफड़ों के गहरे हिस्सों तक जा सकते हैं। इनकी अधिक मौजूदगी सांस लेने में परेशानी बढ़ा सकती है और पहले से मौजूद हृदय तथा फेफड़ों की बीमारियों को गंभीर बना सकती है।

बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत

अस्थमा, सांस की बीमारी और हृदय संबंधी परेशानी वाले लोगों के अलावा छोटे बच्चों तथा बुजुर्गों को प्रदूषित हवा से अधिक जोखिम हो सकता है। खराब गुणवत्ता वाले दिनों में बाहर लंबे समय तक रहने और भारी शारीरिक गतिविधियां करने से बचना उपयोगी है। लोगों को स्थानीय AQI अपडेट देखते रहना चाहिए। ध्यान रहे कि मौसम, हवा की दिशा और अलग-अलग निगरानी केंद्रों के कारण दिनभर आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।

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