मथुरा: नगर निगम मथुरा-वृंदावन की ओर से सोमवार को आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कुश्ती दंगल में पांच लाख रुपये की इनामी कुश्ती विवादों में घिर गई। फतेहाबाद (आगरा) के पहलवान शेरा गुर्जर और पंजाब के अजनाला निवासी पहलवान भूपेंद्र के बीच हुए मुकाबले के फैसले पर सवाल खड़े हो गए हैं। हार के बाद पंजाब के पहलवान ने अपना दर्द बयां करते हुए आरोप लगाया कि मुकाबले में उनके साथ बेईमानी की गई। उन्होंने कुश्ती के निर्णय को एकतरफा बताते हुए आयोजकों पर भी सवाल उठाए हैं।
देशभर के पहलवानों ने लिया हिस्सा, भीड़ जुटी
नगर निगम की ओर से आयोजित इस दंगल में देश के विभिन्न राज्यों से नामी पहलवानों ने प्रतिभाग किया। दंगल में छोटी कुश्तियों से लेकर बड़े इनामी मुकाबलों तक दर्शकों की भीड़ जुटी रही। सबसे अधिक आकर्षण पांच लाख रुपये की इनामी कुश्ती को लेकर था। इसमें शेरा गुर्जर और भूपेंद्र पहलवान आमने-सामने थे। दोनों के बीच काफी देर तक जोरदार मुकाबला चला और दर्शकों की निगाहें अखाड़े पर टिकी रहीं।
भूपेंद्र ने फैसले को बताया अन्यायपूर्ण
मुकाबला समाप्त होने के बाद शेरा गुर्जर को विजेता घोषित कर दिया गया। इस निर्णय से पंजाब के पहलवान भूपेंद्र संतुष्ट नहीं दिखे। उनका आरोप है कि कुश्ती बराबरी की रही थी, इसके बावजूद उन्हें पराजित घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है और मुकाबले का फैसला निष्पक्ष तरीके से नहीं किया गया। इस फैसले से आहत भूपेंद्र ने यहां तक ऐलान कर दिया कि अब वह मथुरा ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी कुश्ती लड़ने नहीं आएंगे।
सोशल मीडिया पर चर्चा, पुष्टि का इंतजार
पंजाब के पहलवान का बयान सामने आने के बाद पांच लाख की कुश्ती का मामला चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर भी मुकाबले के निर्णय को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, पहलवान की ओर से लगाए गए बेईमानी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब इस मामले में आयोजकों और कुश्ती के निर्णायकों का पक्ष सामने आने का इंतजार है।
Reported By: Prem Kaushik











