ठाकुर बांके बिहारी को पति मानने वाली इंदुलेखा ने रखा करवाचौथ व्रत

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वृंदावन: कान्हा के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण का एक अलग ही रूप वृंदावन में देखने को मिला। ठाकुर बांके बिहारी को अपना पति मानकर पूजा करने वाली देवी इंदुलेखा ने गुरुवार को करवाचौथ का व्रत रखा। यह दूसरा वर्ष है, जब वह अपने आराध्य के लिए इस परंपरा का निर्वहन कर रही हैं। व्रत के तहत वह नंदगांव पहुंचकर पारंपरिक रूप से शृंगार करेंगी और छलनी से ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद व्रत खोलेंगी।

इंदुलेखा की पृष्ठभूमि और विवाह की चर्चा 

हरियाणा के रोहतक की रहने वाली इंदुलेखा पिछले तीन साल से वृंदावन में रह रही हैं। कभी नर्स के रूप में सेवाएं देने वाली इंदुलेखा का जीवन वर्ष 2024 में उस समय चर्चा में आया, जब उन्होंने ठाकुर बांके बिहारी की प्रतिमा के साथ विवाह किया। इसके बाद से वह भगवान को अपना पति मानकर उनकी सेवा और पूजा-अर्चना कर रही हैं। करवाचौथ पर व्रत रखना भी इसी आस्था और समर्पण का हिस्सा है।

नंदगांव को ससुराल मानकर दर्शन  

इंदुलेखा के लिए नंदगांव केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि उनके आराध्य का ससुराल है। इसी मान्यता और भाव के साथ वह करवाचौथ पर नंदगांव पहुंचकर अपने आराध्य के दर्शन करेंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नंदगांव भगवान श्रीकृष्ण के बाल जीवन से जुड़ा प्रमुख तीर्थस्थल है। यहां नंदबाबा और माता यशोदा के निवास की मान्यता है। इंदुलेखा इसी भाव के साथ यहां पहुंचकर अपनी धार्मिक परंपरा निभाती हैं।

भक्ति परंपरा में अनूठा समर्पण और स्थानीय चर्चा

वृंदावन की भक्ति परंपरा में भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण के अलग-अलग स्वरूप देखने को मिलते हैं। इंदुलेखा का ठाकुर बांके बिहारी के प्रति यह भाव भी इन्हीं अनूठे स्वरूपों में शामिल है। करवाचौथ जैसे पारंपरिक पर्व पर उनके व्रत को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा हो रही है। भगवान को पति मानकर उनके लिए व्रत रखना इंदुलेखा की निजी आस्था का विषय है, जिसे लेकर वह अपनी भक्ति की परंपरा निभा रही हैं।

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