ओलावृष्टि से धान की फसल तबाह, किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए आगे आए लक्ष्मण नापा

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रतिया: 24 अक्टूबर की रात रतिया विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कई खेतों में फसल पूरी तरह बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों को हुए नुकसान की गंभीरता को देखते हुए रतिया के पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री से प्रभावित किसानों को राहत देने की मांग की है। उन्होंने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल शीघ्र खुलवाने, प्रभावित गांवों में विशेष गिरदावरी करवाने तथा फसल के नुकसान के अनुसार उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। लक्ष्मण नापा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि रतिया विधानसभा क्षेत्र के गांव हडोली, रत्ताखेड़ा, जल्लोपुर, नीमड़ी, दादूपुर, दादूपुर ढाणी, लाली, हुक्मावाली, भरपूर सहित आसपास के कई गांवों में ओलावृष्टि के कारण धान की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचा है। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों ने धान की फसल तैयार करने के लिए काफी मेहनत और पूंजी लगाई थी, लेकिन कटाई के समय के नजदीक हुई ओलावृष्टि से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

रत्ताखेड़ा में खेतों का दौरा कर देखी नुकसान की स्थिति

पूर्व विधायक लक्ष्मण नापा ने बताया कि उन्होंने स्वयं गांव रत्ताखेड़ा में किसानों के साथ खेतों का दौरा किया और ओलावृष्टि से प्रभावित धान की फसल की स्थिति का जायजा लिया। खेतों में फसल की हालत बेहद चिंताजनक दिखाई दी। उनके अनुसार, कई खेतों में नुकसान लगभग कॉफी  होने की स्थिति सामने आई है। फसल बुरी तरह प्रभावित होने से किसानों की आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। ऐसे में प्रभावित किसानों को समय रहते सरकारी सहायता उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसान पहले ही खेती की बढ़ती लागत, खाद-बीज, डीजल, मजदूरी और अन्य कृषि खर्चों का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे समय में प्राकृतिक आपदा के कारण फसल बर्बाद होना उनके लिए बड़ा झटका है। यदि नुकसान का सही आकलन कर समय पर मुआवजा नहीं मिला तो किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।

ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलने और विशेष गिरदावरी की मांग

लक्ष्मण नापा ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि प्रभावित किसानों को अपनी फसल के नुकसान का विवरण दर्ज करवाने का अवसर देने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल जल्द से जल्द खोला जाए। इसके साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को प्रभावित गांवों में विशेष गिरदावरी करवाने के निर्देश दिए जाएं, ताकि खेतों में हुए वास्तविक नुकसान का निष्पक्ष और सही आकलन हो सके।
उन्होंने मांग की कि गिरदावरी के दौरान प्रभावित किसानों के खेतों की स्थिति का मौके पर निरीक्षण किया जाए और नुकसान के आकलन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जिन किसानों की फसल को अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा उपलब्ध करवाया जाए, ताकि वे इस मुश्किल समय में अपनी आर्थिक स्थिति संभाल सकें।

किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए

पूर्व विधायक ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को राहत देना बेहद जरूरी है। सरकार को इस मामले में शीघ्र कदम उठाते हुए प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री किसानों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देंगे, ताकि प्रभावित किसानों को जल्द राहत मिल सके और उन्हें अपनी अगली फसल की तैयारी करने में आर्थिक सहारा मिल पाए।

Reported By: Rimpi Jindal

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