दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए बड़ा एक्शन, बॉर्डर पर सख्ती, बाहरी गाड़ियों को नो एंट्री

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नई दिल्ली: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद कम है। अगले दो से तीन दिनों तक हवा की गुणवत्ता में बड़े सुधार के आसार नहीं हैं। इस बीच, राजधानी की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 15 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ाने की तैयारी की है। इसके तहत बॉर्डर पर संयुक्त टीमें तैनात होंगी और नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों को दिल्ली में प्रवेश करने से पहले ही दूसरे रास्तों पर भेजा जाएगा।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को पड़ोसी राज्यों की पुलिस और संबंधित विभागों के साथ बैठक की। इसमें ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों को सख्ती से लागू करने पर चर्चा हुई। ट्रैफिक पुलिस के डीसीपी एसके सिंह ने बताया कि बैठक का मकसद प्रदूषण कम करने के लिए सभी एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाना था।

पांच दिन तक प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद कम

दिल्ली की हवा को लेकर हुए एक अध्ययन में सामने आया है कि प्रतिकूल मौसम के कारण प्रदूषण कई दिनों तक बना रह सकता है। वैज्ञानिक पत्रिका एनवायरमेंटल पॉल्यूशन में प्रकाशित शोध के मुताबिक, राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार पांच दिनों तक ऊंचा रह सकता है। इस अध्ययन में तापमान को प्रदूषण के स्तर पर असर डालने वाला प्रमुख कारक बताया गया है। यह शोध जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के शोधकर्ताओं ने किया है।

बॉर्डर पर रोकी जाएंगी नियम तोड़ने वाली बसें

स्पेशल सीपी (ट्रैफिक) अजय चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नियमों का पालन नहीं करने वाली अंतरराज्यीय और अंतरशहरी बसों को दिल्ली में प्रवेश न करने दिया जाए। ऐसी बसों को राजधानी के भीतर पहुंचने के बाद दूसरे रास्तों पर भेजने से जाम बढ़ सकता है और प्रदूषण भी बढ़ता है। इसलिए उन्हें सीमा पर ही डायवर्ट किया जाएगा। निर्धारित नियमों के अनुसार, दिल्ली में इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-6 डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति है। वहीं, 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों पर लागू प्रतिबंधों को सख्ती से लागू किया जाएगा। नियमों के तहत छूट पाने वाले वाहनों को राहत मिलेगी। सीमाओं पर प्रतिबंधों की जानकारी देने वाले बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

संयुक्त टीमें करेंगी जांच, बनेगा व्हाट्सऐप ग्रुप

दिल्ली की सीमाओं पर अलग-अलग एजेंसियों की संयुक्त टीमें वाहनों की जांच करेंगी। नो-एंट्री नियम तोड़ने, ओवरलोडिंग करने और निर्धारित रास्ते से हटकर चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। निर्माण और तोड़फोड़ से निकली सामग्री को नियमों के विरुद्ध ढोने वाले वाहनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

इसके अलावा, निर्माण स्थलों और सड़कों पर धूल कम करने के लिए नियमित पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विभागों के बीच तुरंत जानकारी साझा करने के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप भी बनाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र रखने की अपील की है। इन कदमों का मकसद वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करना और दिल्ली की हवा को बेहतर बनाना है।

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