मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर नए हमले की तैयारी? रिपोर्ट में बड़ा दावा, तेहरान ने भी दी चेतावनी

0
10

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव अभी थमा नहीं है, और अब एक नई रिपोर्ट ने चिंता और बढ़ा दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना बना रहे हैं। जवाब में तेहरान ने किसी भी नए हमले का जवाब “फादर ऑफ ऑल बॉम्स” नाम के हथियार से देने की धमकी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, यह अभियान छोटा लेकिन तीव्र हो सकता है। इसमें ईरान के ऊर्जा ढांचे, परमाणु ठिकानों और मिसाइल-ड्रोन भंडार को निशाना बनाया जा सकता है। दोनों देशों की सेनाओं ने अभ्यास बढ़ा दिए हैं, जिनमें इराक के ऊपर उड़ानें भी शामिल हैं।

अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस हफ्ते इजरायल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर संभावित हमलों पर चर्चा की। कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि एक और हमला ईरान की अर्थव्यवस्था को संकट में डाल सकता है और उसे कूटनीतिक रियायतें देने पर मजबूर कर सकता है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप इसे मंजूरी देंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं है। व्हाइट हाउस ने कहा कि वह सैन्य योजनाओं पर टिप्पणी नहीं करता और ईरान को परमाणु हथियार से रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं।

ईरान की धमकी

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिका के पास “मदर ऑफ ऑल बॉम्स” है, तो ईरान उन्हें “फादर ऑफ ऑल बॉम्स” दिखाएगा। उन्होंने हथियार का कोई ब्योरा नहीं दिया। मोहेब्बी का दावा है कि जून 2025 के 12 दिन के ईरान-इजरायल युद्ध के बाद ईरान का मिसाइल भंडार डेढ़ गुना बढ़ा है और उसकी गुणवत्ता, रेंज, विनाश क्षमता और सटीकता में सुधार हुआ है। उनके मुताबिक, ईरान अब स्थायी प्रतिरोध और असममित युद्ध पर आधारित रक्षा सिद्धांत अपना रहा है और हमला होने पर सिर्फ जवाब नहीं, आक्रामक कार्रवाई भी करेगा।

क्या है “मदर ऑफ ऑल बॉम्स”

ट्रंप ने ईरान की गहरी भूमिगत परमाणु सुविधा पिकैक्स माउंटेन के खिलाफ जीबीयू-43/बी एमओएबी के इस्तेमाल पर भी विचार किया है। यह करीब 9,800 किलोग्राम वजनी पारंपरिक बम है और अमेरिका के सबसे बड़े गैर-परमाणु हथियारों में गिना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह जमीन के ऊपर फटता है, इसलिए ग्रेनाइट से सुरक्षित भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने में शायद सक्षम न हो।

सैन्य तैनाती और कूटनीति

अमेरिका नवंबर की शुरुआत तक तीन एयरक्राफ्ट कैरियर, हजारों मरीन, फाइटर जेट और स्पेशल फोर्सेज की तैनाती पूरी करने की तैयारी में है। ट्रंप ने पहले मिडटर्म चुनाव से पहले हमला न करने का वादा किया था। बताया गया है कि इस महीने की शुरुआत में हमला लगभग तय था, लेकिन उन्होंने आखिरी वक्त पर उसे टाल दिया।

अमेरिका सैन्य दबाव को परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज पर नियंत्रण की बातचीत में लीवरेज की तरह इस्तेमाल करना चाहता है, जबकि ईरानी वार्ताकार परमाणु मुद्दे पर रियायत देने को तैयार नहीं हैं। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नया संघर्ष शिपिंग और ऊर्जा ढांचे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेटा सेंटर और समुद्री इंटरनेट केबल्स तक फैल सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here