10K फॉलोअर्स से शुरुआत, 1 लाख की पहली ब्रांड डील मिलते ही छोड़ दी नौकरी, अब लाखों में कमाई

0
18

नई दिल्ली: डिजिटल दौर में Instagram केवल फोटो, रील्स और मनोरंजन तक सीमित नहीं है। कई कंटेंट क्रिएटर्स के लिए यह कमाई और करियर बनाने का अहम माध्यम बन चुका है। मुंबई के शुभ सारंग की कहानी भी इसी बदलाव को दिखाती है। उन्होंने सीमित फॉलोअर्स के साथ कंटेंट बनाना शुरू किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। एक लाख रुपये की ब्रांड डील मिलने के बाद उन्होंने कॉरपोरेट नौकरी छोड़कर फुल टाइम कंटेंट क्रिएशन करने का फैसला लिया।

एक ब्रांड डील ने बदल दिया नजरिया

शुभ सारंग लंबे समय से सोशल मीडिया को अपना मुख्य करियर बनाना चाहते थे। हालांकि, हर महीने मिलने वाली तय सैलरी छोड़ना उनके लिए आसान नहीं था। EMI और दूसरे खर्चों की जिम्मेदारियों के बीच उन्हें इस बात की चिंता रहती थी कि क्या Instagram से नियमित कमाई हो पाएगी। इसी दौरान उन्हें एक ब्रांड के साथ काम करने का मौका मिला, जिसके लिए कथित तौर पर एक लाख रुपये का भुगतान किया गया। इस डील ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्हें लगा कि कंटेंट क्रिएशन को पूर्णकालिक पेशे में बदला जा सकता है।

तेजी से बढ़े फॉलोअर्स

शुभ के मुताबिक, जब उनके कंटेंट को अच्छा रिस्पॉन्स मिलना शुरू हुआ, तब उनके Instagram पर करीब 10 हजार फॉलोअर्स थे। इसके बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और एक-दो महीने में फॉलोअर्स की संख्या एक लाख तक पहुंच गई। एक अन्य वीडियो ने उन्हें दो लाख फॉलोअर्स के आंकड़े के करीब पहुंचने में मदद की। बढ़ती लोकप्रियता के साथ ब्रांड्स की दिलचस्पी भी बढ़ी।

शुभ का दावा है कि कंपनियां उन्हें एक वीडियो के लिए 1.3 लाख से 1.5 लाख रुपये तक देने लगीं। इसी के चलते उनकी मासिक कमाई 2.2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई। उनके अनुसार, जब यह आय कॉरपोरेट सैलरी से तीन से चार गुना अधिक होने लगी, तब उन्होंने नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया।

ऑफिस के बाद देर रात तक करते थे काम

इस मुकाम तक पहुंचने के लिए शुभ को नौकरी और कंटेंट क्रिएशन दोनों संभालने पड़े। वह सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक ऑफिस में काम करते थे। घर लौटने के बाद शूटिंग करते और फिर वीडियो एडिटिंग में जुट जाते थे। कई बार उनका काम सुबह 4 बजे तक चलता था, जबकि कुछ घंटों बाद उन्हें दोबारा ऑफिस के लिए तैयार होना पड़ता था। लगातार कम नींद और दोहरी जिम्मेदारियों के कारण यह दिनचर्या उनके लिए थकाऊ हो गई थी। आखिरकार, उन्होंने कंटेंट क्रिएशन पर पूरा ध्यान देने का फैसला किया।

नौकरी छोड़ने से पहले आर्थिक सुरक्षा जरूरी

शुभ का अनुभव सोशल मीडिया पर करियर बनाने की संभावनाओं को सामने लाता है, लेकिन वह यह भी मानते हैं कि हर व्यक्ति को उनकी तरह नौकरी छोड़ने का फैसला जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए। नियमित आय बंद होने, EMI और दूसरे खर्चों का दबाव वास्तविक चुनौतियां हैं। शुभ की कहानी बताती है कि सोशल मीडिया पर अवसर जरूर हैं, लेकिन सफलता के लिए मेहनत, निरंतरता और सोच-समझकर जोखिम उठाना भी अहम है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here