भोपाल: मध्य प्रदेश की अजनार नदी को दो बार खुद साफ करने वाले 20 साल के पर्यावरण कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू तबाही की कोशिशों को एक और झटका लगा है। लोगों को नदी में कचरा फेंकने से रोकने के लिए उन्होंने नदी किनारे जो कूड़ेदान लगाए थे, उनमें से एक चोरी हो गया। बिट्टू ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर राजगढ़ जिले में अजनार नदी की मौजूदा हालत दिखाई। महीनों की सफाई के बाद भी नदी किनारे फिर से प्लास्टिक बैग और कचरा जमा होने लगा है।
वीडियो में क्या?
वीडियो में बिट्टू ने बताया कि उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए नदी किनारे एक पेड़ के पास दो कूड़ेदान रखे थे, ताकि लोग कचरा सीधे पानी में न फेंकें और जिम्मेदारी से डस्टबिन का इस्तेमाल करें। लेकिन जब वह दोबारा वहां लौटे तो एक डस्टबिन गायब था। वीडियो में उन्होंने कहा, “मैंने ये कूड़ेदान अपने निजी इस्तेमाल के लिए नहीं रखे थे, बल्कि इसलिए रखे थे ताकि लोग कचरा सही जगह डालें और नदी दोबारा गंदी न हो।” उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “जनता की सुविधा के लिए रखे गए ढोल भी चोरी हो गए।”
यह घटना उनके एक और वीडियो के कुछ दिन बाद ही हुई है, जिसमें उन्होंने नदी को फिर से गंदा देखकर अपनी निराशा जाहिर की थी और सफाई अभियान दोबारा शुरू करने की बात कही थी।
सोशल मीडिया पर गुस्सा
इस चोरी की घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जताई। एक यूजर ने लिखा कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए बनाई गई अच्छी चीजों के हकदार ही नहीं हैं। दूसरे ने मांग की कि कचरा फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। वहीं एक तीसरे यूजर ने बिट्टू से पुलिस की मदद लेने और साइट पर सुरक्षा व्यवस्था करने की अपील की, ताकि उनकी मेहनत बर्बाद न हो।
बिट्टू तबाही पिछले काफी समय से अकेले ही अजनार नदी की सफाई कर रहे हैं। दो बार नदी को साफ करने के बाद भी जब लोग वहां कचरा फेंकना नहीं छोड़ रहे, तो उन्होंने खुद के खर्च से कूड़ेदान लगाए थे। लेकिन अब डस्टबिन चोरी होने से उनके प्रयासों को और चुनौती मिल गई है।












