गाजियाबाद में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चोरी के 100 मोबाइल के साथ आरोपी गिरफ्तार

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गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर के रेलवे स्टेशनों से चोरी किए गए मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में गाजियाबाद पुलिस और रेलवे पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल और संबंधित पुलिस टीमों की संयुक्त कार्रवाई में पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी जियाउर रहमान को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 100 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी अतुल यादव की भूमिका भी रही। पुलिस के अनुसार आरोपी दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के आसपास के रेलवे स्टेशनों से चोरी किए गए मोबाइल फोन अन्य लोगों से खरीदकर पश्चिम बंगाल के मालदा ले जाकर अपने साथी को देता। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मोबाइल फोन पहुंचाने के बदले आरोपी को करीब 20 हजार रुपये मिलने वाले थे, लेकिन वह मोबाइल फोन आगे पहुंचा पाता, उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान पकड़ा गया आरोपी

पुलिस के मुताबिक 8 अक्टूबर 2026 को अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपाधीक्षक रेलवे गाजियाबाद अशोक कुमार सिसौदिया के पर्यवेक्षण में थाना जीआरपी प्रभारी निरीक्षक मनोज चौधरी के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। पुलिस ने 8 अक्टूबर की रात करीब 11:55 बजे गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5-6 पर साहिबाबाद की ओर गुलर के पेड़ से लगभग 10 कदम की दूरी पर आरोपी को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 100 मोबाइल फोन बरामद हुए।

एसओजी प्रभारी अतुल यादव की भूमिका भी रही अहम

मोबाइल चोरी और उनकी खरीद-फरोख्त से जुड़े मामले में एसओजी प्रभारी अतुल यादव की भूमिका भी कार्रवाई का हिस्सा रही। जीआरपी और आरपीएफ की टीमों के साथ समन्वय के जरिए मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की गई। पुलिस की कार्रवाई के बाद 100 मोबाइल फोन बरामद हुए और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में पुलिस अब मोबाइल फोन के स्रोत, उनकी चोरी से जुड़े मामलों और कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

व्हाट्सऐप कॉल के जरिए निर्देश देने वाले कथित साथी की तलाश

पुलिस के मुताबिक मामले में राज उर्फ सौरभ दास पुत्र मोहन दास, निवासी मालदा टाउन, पश्चिम बंगाल की भूमिका भी सामने आई है। आरोप है कि वह व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से जियाउर रहमान को निर्देश देता था और चोरी के मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त में उसकी सहायता करता था। पुलिस इसके साथी की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मोबाइल फोन किन स्थानों से चोरी किए गए, आरोपी तक कैसे पहुंचे और इस गतिविधि में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

16.50 लाख रुपये के मोबाइल बरामद, अन्य कड़ियां खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने बरामद 100 मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 50 हजार रुपये बताई है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन की पहचान और उनसे संबंधित शिकायतों का मिलान करने में जुटी है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी भी अन्य थानों से जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।

संयुक्त टीम में ये अधिकारी और कर्मचारी रहे शामिल

इस कार्रवाई में थाना जीआरपी प्रभारी निरीक्षक मनोज चौधरी, थाना आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अब्दुल लतीफ, उपनिरीक्षक ओमप्रकाश कुमार, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक अतुल कुमार, कांस्टेबल रवि कुमार, कांस्टेबल मोनू कुमार, कांस्टेबल पुष्पेन्द्र कुमार, आरपीएफ उपनिरीक्षक पंकज यादव तथा दिल्ली ईस्ट सीआईबी के हेड कांस्टेबल रणधीर सिंह और हेड कांस्टेबल यशपाल सिंह शामिल रहे। एसओजी प्रभारी अतुल यादव की भूमिका भी इस कार्रवाई में रही।

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