फ्लाईदुबई की इस फ्लाइट में 6 साल की नीना मानेस भी अपनी मां टाली मानेस के साथ सवार थीं। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान नीना ने अपनी मां से टॉयलेट जाने को कहा। मां उसे लेकर विमान के आगे की तरफ पहुंचीं, जहां उन्हें कॉकपिट से असामान्य आवाजें और शोर सुनाई दिया। उन्होंने तुरंत क्रू को इसकी जानकारी दी। फ्लाइट के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला किया। कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि विमान अचानक तेजी से नीचे गिरने लगा। रिपोर्टों के अनुसार विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। घटना की जांच अभी जारी है।
नीना के पिता ज्विका मानेस ने बताया कि बच्ची की आवाज सुनकर वह तुरंत कॉकपिट की ओर दौड़े। उनके साथ अन्य यात्री भी आगे पहुंचे। इसी दौरान घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचकर स्थिति संभालने का मौका मिला। बच्ची की चीख और कॉकपिट से आ रही आवाजों ने यात्रियों को स्थिति की गंभीरता का एहसास कराया। इसके बाद कई यात्री बिना समय गंवाए विमान के अगले हिस्से की तरफ बढ़े। यात्रियों के इस कदम से घायल कैप्टन को मदद मिल सकी और कॉकपिट के अंदर की स्थिति पर नियंत्रण पाने की कोशिश शुरू हुई।
यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में की मदद
कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू ने कथित हमलावर को काबू किया। घायल कैप्टन की मदद की गई और विमान का नियंत्रण संभालने के लिए फ्लाईदुबई के अन्य पायलट आगे आए। विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों की मौजूदगी भी उस समय बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। कॉकपिट के अंदर की स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी और कैप्टन घायल अवस्था में विमान को संभाल रहे थे। यात्रियों ने क्रू के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग किया। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से नजदीकी एयरपोर्ट तक पहुंचाने की तैयारी शुरू की गई।
तबुक में कराई गई विमान की इमरजेंसी लैंडिंग
स्थिति संभालने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। अतिरिक्त पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारा। घटना में कैप्टन स्मित मच्छार घायल हुए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस पूरे घटनाक्रम की जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं और हमले के मकसद को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इमरजेंसी लैंडिंग के बाद विमान में मौजूद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायल कैप्टन को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। फ्लाइट में हुई इस घटना ने विमान की सुरक्षा व्यवस्था और कॉकपिट प्रोटोकॉल को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं।












