UN किताबों में 'डॉक्टर स्ट्रेंज', हकीकत में 'शोले' के ठाकुर! ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की ऐसी तस्वीर दिखाई कि सोशल मीडिया पर मच गया बवाल

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नई दिल्ली: कहते हैं कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। ईरान ने इसी बात को सोशल मीडिया पर आजमाया है। भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाने के लिए एक मीम पोस्ट किया है, और इसके लिए उसने हिंदी सिनेमा की मशहूर फिल्म ‘शोले’ का सहारा लिया।

दूतावास ने यह मीम X पर साझा किया। एक तरफ मार्वल के किरदार डॉक्टर स्ट्रेंज की कई भुजाओं वाली तस्वीर है, जिसके ऊपर लिखा है, “किताबों के हिसाब से संयुक्त राष्ट्र।” दूसरी तरफ 1975 की फिल्म ‘शोले’ के ठाकुर बलदेव सिंह हैं, जिनका रोल संजीव कुमार ने निभाया था। इस तस्वीर पर लिखा है, “असल में संयुक्त राष्ट्र।” मतलब साफ है। ठाकुर के हाथ नहीं थे, और ईरान की नजर में संयुक्त राष्ट्र भी कुछ ऐसा ही है। बातें बड़ी-बड़ी, पर हाथ बंधे हुए।

निशाने पर संयुक्त राष्ट्र की भूमिका

पढ़ाई-लिखाई में हमें बताया जाता है कि संयुक्त राष्ट्र दुनिया के बड़े संकट सुलझाने वाली ताकतवर संस्था है। ईरान का कहना है कि जब असली जंग और टकराव सामने आते हैं, तो यही संस्था बेबस नजर आती है। हालांकि दूतावास ने पोस्ट में किसी खास प्रस्ताव या घटना का जिक्र नहीं किया है। उसका इशारा संयुक्त राष्ट्र की संकटों में असरदार कदम उठाने की क्षमता की ओर है।

पोस्ट का समय भी अहम

यह पोस्ट ऐसे वक्त आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई चल रही है। संयुक्त राष्ट्र बार-बार तनाव घटाने की अपील कर रहा है, मगर जमीनी हालात में खास फर्क नहीं दिखता। सितंबर में न्यूयॉर्क में महासभा का 81वां सत्र भी हुआ, जहां दुनिया भर के नेताओं ने शांति और सुरक्षा पर चर्चा की, पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

मीम बना ईरान का हथियार

सोशल मीडिया पर मीम और पॉप कल्चर का इस्तेमाल ईरान के लिए नया नहीं है। इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक डायलॉग (ISD) की रिपोर्ट के अनुसार, जंग शुरू होने के बाद ईरानी राजनयिकों और सरकारी अकाउंट्स की पोस्ट में जबरदस्त उछाल आया। पहले 50 दिनों में इन पोस्ट को करीब 89.6 करोड़ व्यूज मिले, जबकि उससे पहले के 50 दिनों में यह आंकड़ा केवल 5.5 करोड़ था। अलग-अलग देशों के ईरानी मिशन अक्सर मिलकर ऐसे अभियान चलाते हैं। जब अमेरिका ने होर्मुज खोलने की मांग की, तब जिम्बाब्वे के ईरानी दूतावास ने चुटकी लेते हुए लिखा कि “हमने चाबियां खो दी हैं।” बाकी दूतावासों ने भी यही मजाक आगे बढ़ाया।

‘शोले’ भारत में घर-घर की पसंदीदा फिल्म है और ठाकुर का किरदार हर किसी को याद है। इसी वजह से यह मीम भारतीय लोगों तक आसानी से पहुंचता है। ईरान ने एक जाने-पहचाने दृश्य के सहारे अपनी नाराजगी को हल्के-फुल्के अंदाज में, लेकिन तीखे ढंग से सामने रख दिया।

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