TRAI ने लागू किए सख्त नियम, स्पैम कॉल्स अब नहीं करेंगे परेशान, जानिए आपके फ़ोन में किया बदला

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नई दिल्ली: अगर सुबह-सुबह आंख खुलते ही या दफ्तर के किसी जरूरी काम के बीच आपके फोन की घंटी बजती है और स्क्रीन पर किसी अज्ञात नंबर से बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड या प्रॉपर्टी का ऑफर चमकने लगता है, तो अब राहत की सांस लीजिए। आम जनता को हर दिन परेशान करने वाली स्पैम और रोबो कॉल्स पर नकेल कसने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने नियमों में बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं। अब टेलीकॉम कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की मदद से ऐसे शातिर कॉलर्स को खुद ढूंढ़कर उन पर सीधी कार्रवाई करेंगी।

संदिग्ध नंबरों की पहचान करेगा AI सिस्टम

देश के सभी प्रमुख टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नेटवर्क में एआई और मशीन लर्निंग आधारित सिस्टम तैनात करना अनिवार्य किया गया है। यह तकनीक स्पैम कॉल करने वालों के नंबर बदलने और संदिग्ध गतिविधियों के पैटर्न को तेजी से पहचान सकेगी। 
किसी ऑपरेटर के नेटवर्क पर संदिग्ध सेंडर मिलने पर उसकी जानकारी तुरंत अन्य टेलीकॉम कंपनियों से साझा की जाएगी। इससे फर्जी कॉलर्स पर कार्रवाई आसान होगी और स्पैम कॉल पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

10 दिन में 5 नंबर संदिग्ध मिले तो रद्द होगी सर्विस

नियमों को सख्त बनाते हुए ट्राइ ने एक स्पष्ट ट्रिगर मैकेनिज्म भी तय किया है। यदि किसी एक व्यक्ति, संस्था या सेंडर से जुड़े 5 या उससे अधिक मोबाइल नंबर 10 दिनों के भीतर स्पैम गतिविधि में शामिल पाए जाते हैं, तो टेलीकॉम कंपनी तत्काल जांच शुरू कर देगी। इस जांच के तहत उस सेंडर का फिजिकल वेरिफिकेशन और नए सिरे से केवाईसी (KYC) दोबारा कराया जाएगा। जब तक जांच पूरी नहीं होती या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित सेंडर के सभी नंबरों की आउटगोइंग कॉल सेवा तुरंत प्रभाव से ब्लॉक कर दी जाएगी।

कंपनियों द्वारा धड़ल्ले से इस्तेमाल की जाने वाली प्री-रिकॉर्डेड और रोबो कॉल्स को भी पूरी तरह नियंत्रण में लाया गया है। ए2पी (एप्लिकेशन-टू-पर्सन) के तहत की जाने वाली ऑटोमेटेड कॉल्स को जारी करने से पहले टेलीकॉम ऑपरेटर को पूरी जानकारी डिक्लेयर करनी होगी। बिना पूर्व सूचना या मंजूरी के की गई किसी भी ऑटोमेटेड कॉल को सीधे स्पैम संचार की श्रेणी में डालकर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। कमर्शियल मैसेज और कॉलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली 140xx, 1600xx और 1601xx जैसी आधिकारिक सीरीज को लेकर भी ट्राइ ने स्थिति साफ की है। किसी भी थर्ड-पार्टी कॉल मैनेजमेंट ऐप को इस पूरी सीरीज को एक साथ ब्लैंकेट ब्लॉक या स्पैम मार्क करने की अनुमति नहीं होगी, ताकि बैंकों व जरूरी सेवाओं की जायज कॉल्स बाधित न हों। हालांकि, आम यूजर अपनी सुविधा अनुसार किसी भी खास नंबर को व्यक्तिगत स्तर पर ब्लॉक या फिल्टर करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र रहेगा।

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