नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर भारतीय टीमों का दबदबा कायम है, लेकिन पुरस्कार वितरण समारोहों में ट्रॉफी को लेकर जारी कूटनीतिक गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। वर्ष 2025 में पुरुषों के एशिया कप के बाद अब महिला एशिया कप 2026 के खिताबी मुकाबले में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। भारतीय महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से करारी शिकस्त देकर एशिया कप का ताज अपने नाम तो कर लिया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम को विजेता ट्रॉफी सौंपे बिना ही समारोह समाप्त कर दिया गया।
दुबई स्टेडियम में पर्दे के पीछे का कूटनीतिक नाटक
रविवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खिताबी जंग खत्म होने से ठीक पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी स्टेडियम पहुंचे। नकवी खुद भारतीय कप्तान को चैंपियन ट्रॉफी सौंपना चाहते थे।
सीमा पार के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तानी मंत्री और पीसीबी चीफ के हाथों से ट्रॉफी स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।
मैदान पर चैंपियन बनने के बाद फिर रुकी ट्रॉफी
भारतीय पक्ष की ओर से एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी के हाथों ट्रॉफी दिलाने का व्यावहारिक प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन नकवी इस बात पर अड़े रहे। गतिरोध सुलझाने के लिए घंटों मंथन हुआ, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
नकवी ने केवल रनरअप श्रीलंकाई टीम को चेक और मेडल दिए और भारतीय टीम को बिना ट्रॉफी दिए ही पुरस्कार समारोह संपन्न कर दिया गया। मंच पर बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और सचिव देवजीत सैकिया मौजूद थे, लेकिन उन्होंने मंच साझा करने के बजाय मैदान पर जाकर सीधे खिलाड़ियों से मुलाकात की।
सितंबर 2025 में भी दोहराया गया था यही इतिहास
यह पूरा घटनाक्रम ठीक एक साल पहले सितंबर 2025 में इसी दुबई के मैदान पर हुए पुरुषों के एशिया कप की यादें ताजा कर गया। तब सूर्य कुमार यादव की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने पाकिस्तान को धूल चटाकर खिताब जीता था। उस वक्त भी मोहसिन नकवी एसीसी चीफ के तौर पर मौजूद थे और भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से सख्त परहेज किया था। तब भारतीय टीम ने प्रतीकात्मक रूप से हवा में हाथ उठाकर जीत का जश्न मनाया था। एक साल बाद महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई और टीम इंडिया ने अपने राष्ट्रीय रुख को बरकरार रखते हुए साफ कर दिया कि खेल और देश की नीतियां साथ-साथ चलती हैं।












