काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्र का तबादला

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लखनऊ: श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में करीब पौने तीन साल तक प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने वाले मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र का देर रात तबादला कर दिया गया. उनके साथ कई अन्य आईएएस और पीसीएस अधिकारियों की तैनाती में भी बदलाव हुआ है. मिश्र को अब उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उपसचिव बनाया गया है. उनके तबादले की खबर सामने आने के बाद मंदिर परिसर और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई.

जनवरी 2024 में संभाली थी जिम्मेदारी

विश्वभूषण मिश्र ने जनवरी 2024 में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पद संभाला था. उस समय बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच व्यवस्थाओं को संभालना बड़ी चुनौती थी. लंबी कतारों से लेकर सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने तक कई स्तरों पर लगातार काम करने की जरूरत थी.

मिश्र के कार्यकाल में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग स्तर पर व्यवस्थाएं तैयार की गईं, वहीं सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को भी मजबूत करने के प्रयास हुए.

सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को ज्यादा सुविधाजनक अनुभव देने के लिए भी कई कदम उठाए गए. व्यवस्थाओं में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया गया और विभिन्न सेवाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ. इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को कम परेशानी के साथ मंदिर की सुविधाएं उपलब्ध कराना था. बाबा विश्वनाथ धाम में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण प्रशासन के सामने व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती लगातार बनी रही. ऐसे माहौल में मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालना मिश्र के कार्यकाल की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहा.

अब नई जिम्मेदारी संभालेंगे

तबादले के बाद विश्वभूषण मिश्र अब उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उपसचिव के रूप में काम करेंगे. मंदिर प्रशासन से उनकी विदाई ऐसे समय हुई है, जब काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या और सुविधाओं को लेकर लगातार नए इंतजाम किए जा रहे हैं.

मिश्र के नए पद पर जाने के साथ ही अब मंदिर प्रशासन में भी आगे की जिम्मेदारियों को लेकर बदलाव होगा. वहीं, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उनके सामने नई भूमिका और अलग तरह की प्रशासनिक चुनौतियां होंगी.

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