नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बिना गणपति बप्पा के प्रिय भोग के अधूरा माना जाता है। बप्पा के स्वागत और उन्हें प्रसन्न करने के लिए भक्त तरह-तरह के पकवान बनाते हैं, लेकिन जो मिठास और श्रद्धा ‘उकडिचे मोदक’ यानी भाप में पके मोदक में होती है, उसकी बात ही अलग है। चावल के सॉफ्ट और नर्म आटे की बाहरी परत के भीतर जब ताजे नारियल और गुड़ की स्वादिष्ट स्टफिंग भरती है, तो इसका स्वाद हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। अगर आप भी इस बार बप्पा को घर का बना शुद्ध और पारंपरिक प्रसाद अर्पित करना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपकी रसोई में स्वाद का जादू घोल देगी।
आवश्यक सामग्री का सही माप
बेहतरीन मोदक तैयार करने के लिए एक कप चावल का आटा, एक कप पानी, डेढ़ कप ताजा कसा हुआ नारियल और एक कप कद्दूकस किया हुआ गुड़ लें।
स्वाद को बढ़ाने के लिए आधा छोटा चम्मच हरी इलायची पाउडर, एक छोटा चम्मच खसखस और एक चुटकी जायफल पाउडर की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही आटा गूंथने और फ्राई करने के लिए दो छोटे चम्मच देसी घी और स्वाद संतुलन के लिए मात्र एक चुटकी नमक पर्याप्त है।
मीठी स्टफिंग बनाने की प्रक्रिया
प्रसाद बनाने की शुरुआत स्वादिष्ट स्टफिंग से होती है। एक पैन में एक चम्मच घी गर्म करें और उसमें खसखस, कसा हुआ नारियल तथा कद्दूकस किया गुड़ मिला दें। मध्यम आंच पर इस मिश्रण को लगातार चलाते हुए 4 से 5 मिनट तक तब तक पकाएं जब तक कि गुड़ पूरी तरह पिघल न जाए। जब सामग्री आपस में अच्छी तरह मिल जाए, तो उसमें इलायची और जायफल पाउडर डालकर गैस बंद कर दें। इस मिश्रण को ठंडा होने के लिए अलग रख दें।
अब दूसरे बर्तन में एक कप पानी, एक चम्मच घी और एक चुटकी नमक डालकर उबाल लें। पानी में उबाल आते ही आंच धीमी करें, धीरे-धीरे चावल का आटा मिलाएं और ढक्कन ढककर 3 से 4 मिनट तक भाप में पकने दें। गैस बंद करने के बाद जब आटा थोड़ा गुनगुना रह जाए, तब हाथों में हल्का पानी या घी लगाकर उसे मसल-मसलकर एकदम चिकना और सॉफ्ट गूंथ लें।
मोदक का आकार देना और स्टीम करना
आटे की छोटी-छोटी लोई बनाकर उंगलियों की मदद से कटोरी जैसा फैलाएं और उसके किनारों पर चुन्नटें यानी कलियां बनाएं। बीच में नारियल-गुड़ का ठंडा मिश्रण भरें और कलियों को ऊपर लाकर आपस में जोड़ते हुए बंद कर दें। अब स्टीमर की छलनी पर गीला सूती कपड़ा या केले का पत्ता बिछाकर मोदक रखें और 10 से 12 मिनट के लिए भाप में पकाएं। पकने के बाद ऊपर से थोड़ा सा केसर का दूध या देसी घी डालकर बप्पा को भोग लगाएं।












