नई दिल्ली: रूस में हिरासत में लिए गए कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता को आखिरकार रिहा कर दिया गया है. रिहाई के बाद वह सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं. उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि चंदन की रिहाई में उनकी कंपनी की कानूनी मदद ने अहम भूमिका निभाई.
कंपनी ने उपलब्ध कराई कानूनी मदद
स्नेहा के मुताबिक, चंदन की कंपनी UFlex Ltd ने पूरे मामले के दौरान परिवार का साथ दिया. रूस में कंपनी के प्रशासन विभाग और यूनिट हेड लगातार उनके संपर्क में रहे. कंपनी ने चंदन के लिए एक वकील भी नियुक्त किया, जिसकी मदद से उन्हें रात के समय रिहा कराया गया.
स्नेहा ने इस मुश्किल समय में मदद करने के लिए बीजेपी सांसद सीमा द्विवेदी और सर्व वैश्य समाज के सदस्यों का भी आभार जताया. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने उनकी चिंता अधिकारियों तक पहुंचाने और मामले को सामने लाने में मदद की.
देर रात हिरासत में लिए गए थे चंदन
स्नेहा ने बताया कि उन्हें शुरुआत में यह जानकारी नहीं थी कि उनके पति को हिरासत में लिया गया है. उनके अनुसार, शनिवार रात करीब 11:40 बजे चंदन को हिरासत में लिया गया था. इस दौरान उनका फोन और पासपोर्ट भी अपने कब्जे में ले लिया गया था.
चंदन के साथ मौजूद एक दोस्त ने बाद में स्नेहा को इस घटना की जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने तुरंत उनकी कंपनी से संपर्क किया और उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश शुरू कर दी.
रूसी सेना में भर्ती को लेकर जताई थी चिंता
चंदन की हिरासत के दौरान स्नेहा ने आशंका जताई थी कि उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव बनाया जा सकता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की अपील भी की थी.
हालांकि, चंदन की हिरासत के पीछे की पूरी वजह और उन पर लगाए गए कथित आरोप अभी स्पष्ट नहीं हैं. मीडिया में सामने आए कुछ दावों को स्नेहा ने बेबुनियाद बताया है.
भारतीय दूतावास भी था संपर्क में
मामले के दौरान रूस स्थित भारतीय दूतावास ने भी स्नेहा और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहने की जानकारी दी थी. दूतावास के अनुसार, रूसी अधिकारियों ने इसे कानूनी मामला बताया था और मामले की जांच जारी होने की बात कही थी. फिलहाल चंदन की सुरक्षित वापसी से परिवार ने राहत की सांस ली है.












