पंजाब में होशियारपुर जिले के चब्बेवाल क्षेत्र की एक प्रमुख सड़क का नाम अब डॉ. सतिंदर सरताज रोड रखा जा रहा है. यह निर्णय केवल एक नामकरण नहीं, बल्कि उस कलाकार को सम्मान देने का प्रतीक है जिसने अपनी सूफियाना आवाज़, गहरी कविताओं और विनम्र व्यक्तित्व से पंजाब की आत्मा को विश्वभर में पहुंचाया है.
कला, शिक्षा और संस्कृति को सम्मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह पहल राज्य सरकार की उस सोच को दर्शाती है जो कला, शिक्षा और संस्कृति को समाज के केंद्र में स्थापित करना चाहती है. पंजाब लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर ब्रांच) ने इस सड़क के नामकरण की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. सरकार का मानना है कि इस तरह के कदम न केवल प्रेरणा के स्रोत बनते हैं, बल्कि युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से भी जोड़ते हैं.
डॉ. सतिंदर सरताज को यह सम्मान उनके संगीत, साहित्य और सूफी परंपरा में किए गए उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जा रहा है. उनकी कविताओं और गीतों ने न केवल पंजाबी संगीत को नई पहचान दी है, बल्कि युवाओं में अपने मूल्यों और विरासत के प्रति गर्व भी जगाया है. सरताज की सादगी, गहराई और ज्ञान की झलक उनकी हर रचना में दिखाई देती है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.
पंजाब सरकार की यह पहल उस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें राज्य अपनी पहचान कला, शिक्षा, संस्कृति और युवा सशक्तिकरण के माध्यम से पुनर्स्थापित कर रहा है. मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व में शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के क्षेत्रों में पहले से ही कई प्रभावशाली योजनाएं लागू की जा चुकी हैं. डॉ. सतिंदर सरताज रोड उसी श्रृंखला का एक प्रतीकात्मक और गौरवपूर्ण अध्याय है.
10 नवंबर को होगा सड़क का औपचारिक उद्घाटन समारोह
इस सड़क का औपचारिक उद्घाटन समारोह 10 नवंबर, सोमवार को सुबह 11 बजे दाना मंडी, चब्बेवाल में आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान स्वयं करेंगे. इस मौके पर सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और विधायक डॉ. ईशांक कुमार भी मौजूद रहेंगे. समारोह का आयोजन लोक निर्माण विभाग (बी एंड आर ब्रांच) होशियारपुर द्वारा उपायुक्त आशिका जैन की देखरेख में किया जाएगा.
डॉ. सतिंदर सरताज रोड केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि पंजाब की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है. एक ऐसा प्रतीक जो यह दर्शाता है कि यह सरकार अपने कलाकारों और उनकी रचनात्मकता को सर्वोच्च सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है.













